EMI असल में है क्या?
जब आप home loan, car loan या personal loan लेते हैं, तो हर महीने एक तय राशि चुकानी होती है। इसी को EMI (Equated Monthly Installment) कहते हैं।
EMI में दो चीज़ें मिली होती हैं:
- Principal — जो असली रकम आपने उधार ली
- Interest — bank का ब्याज
खास बात यह है कि EMI पूरे tenure तक एक जैसी रहती है (fixed rate में), पर उसके अंदर principal और interest का अनुपात हर महीने बदलता रहता है।
EMI किन तीन चीज़ों पर निर्भर है?
- Loan amount (P) — जितनी बड़ी रकम, उतनी बड़ी EMI
- Interest rate (r) — सालाना rate को महीने में बदला जाता है
- Tenure (n) — कितने महीनों में चुकाना है
Tenure बढ़ाने पर EMI घटती है, लेकिन कुल interest बढ़ जाता है — यह बात लोग अक्सर भूल जाते हैं।
EMI formula
EMI का गणित एक formula से होता है:
EMI = P × r × (1+r)^n ÷ ((1+r)^n − 1)
- P = loan amount
- r = महीने का interest rate = (सालाना % ÷ 12 ÷ 100)
- n = tenure महीनों में
घबराने की ज़रूरत नहीं — नीचे calculator यही formula अपने आप लगा देता है।
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए:
- Loan amount = ₹5,00,000
- Interest rate = 9% सालाना
- Tenure = 5 साल (60 महीने)
तो अनुमानित नतीजा:
| चीज़ | राशि |
|---|---|
| Monthly EMI | लगभग ₹10,379 |
| कुल भुगतान (60 महीने) | लगभग ₹6,22,740 |
| कुल interest | लगभग ₹1,22,740 |
यानी ₹5 लाख के loan पर लगभग ₹1.22 लाख interest देना पड़ता है।